menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
उपमन्युरु उवाच
यथोक्तैर्लोकविख्यातैर्मुनिभिस्तत्त्वदर्शिभिः |  ४   क
प्रवरं प्रथमं स्वर्ग्यं सर्वभूतहितं शुभम् |  ४   ख
श्रुतैः सर्वत्र जगति व्रह्मलोकावतारितैः ||  ४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति