अनुशासन पर्व  अध्याय १७

उपमन्युरु उवाच

वीजाध्यक्षो वीजकर्ता अध्यात्मानुगतो वलः |  ७५   क
इतिहासकरः कल्पो गौतमोऽथ जलेश्वरः ||  ७५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति