menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
सिद्ध उवाच
दुष्टान्नं विषमान्नं च सोऽन्योन्येन विरोधि च |  १०   क
गुरु वापि समं भुङ्क्ते नातिजीर्णेऽपि वा पुनः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति