menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अन्येषां चैव सुहृदां कुन्ती कर्णाय़ दास्यति |  १७   क
श्राद्धानि पुरुषव्याघ्र मादात्कौरवको नृपः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति