menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तमेवंवादिनं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः |  २३   क
उवाच भ्रातरं धीमाञ्जोषमास्वेति भर्त्सय़न् ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति