सभा पर्व  अध्याय १७

कृष्ण उवाच

सोऽवर्धत महातेजा मगधाधिपतेः सुतः |  ७   क
प्रमाणवलसम्पन्नो हुताहुतिरिवानलः ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति