menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
ततो व्याकुलितं सर्वं द्वारकावासि तद्वलम् |  २८   क
दृष्ट्वा शाल्वं महावाहो सौभस्थं पृथिवीगतम् ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति