menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तद्दृष्ट्वा राक्षसेन्द्रस्य घोरं कर्म भय़ावहम् |  ४२   क
भीमसेनः प्रहृष्टात्मा गदामाशु परामृशत् ||  ४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति