menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
भिन्नकुम्भा विरुधिराश्छिन्नहस्ताश्च वारणाः |  १०३   क
भिन्नगात्रवराश्चैव च्छिन्नवालाश्च मारिष |  १०३   ख
छिन्नाभ्राणीव सम्पेतुर्वध्यमाना महात्मना ||  १०३   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति