menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
निश्चरन्तो व्यदृश्यन्त सूर्यात्सप्त महाग्रहाः |  ३४   क
उल्कापातश्च सञ्जज्ञे दिशां दाहस्तथैव च |  ३४   ख
तथाशन्यश्च सम्पेतुर्ववुर्वाताश्च दारुणाः ||  ३४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति