menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स वध्यमानः समरे कृतास्त्रेण वलीय़सा |  ९०   क
प्राद्रवत्सहसा राजन्नकुलो व्याकुलेन्द्रिय़ः ||  ९०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति