menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पुरोवातेन गङ्गेव क्षोभ्यमाना महानदी |  १०   क
अक्षोभ्यत तदा राजन्पाण्डूनां ध्वजिनी पुनः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति