menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
श्रुत्वा तु निहतं शल्यं धर्मपुत्रं च पीडितम् |  ५   क
मद्रराजप्रिय़े युक्तैर्मद्रकाणां महारथैः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति