menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यदि नाराय़णास्त्रस्य प्रतिय़ोद्धा न विद्यते |  ५१   क
अद्यैनं प्रतिय़ोत्स्यामि पश्यत्सु कुरुपाण्डुषु ||  ५१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति