menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स एनमिषुजालेन लघुत्वाच्छीघ्रविक्रमः |  ५३   क
निमेषमात्रेणासाद्य कुन्तीपुत्रोऽभ्यवाकिरत् ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति