menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः सर्वे च पाञ्चाला भीमसेनश्च पाण्डवः |  ६७   क
धृष्टद्युम्नरथं भीतास्त्यक्त्वा सम्प्राद्रवन्दिशः ||  ६७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति