menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
मृगस्तु विद्धो वाणेन मय़ा सरति शल्यवान् |  २६   क
तं द्रवन्तमनु प्राप्तो वनमेतद्यदृच्छय़ा |  २६   ख
भवत्सकाशे नष्टश्रीर्हताशः श्रमकर्शितः ||  २६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति