menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तस्मिंस्तु तुमुले काले नारदः सुरचोदितः |  १७   क
आगम्याह वचः पार्थं श्रवणीय़मिदं नृप ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति