menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यथान्याय़ं महातेजाः शौचं परममास्थितः |  ४   क
गिरिकूवरं पादपाङ्गं शुभवेणु त्रिवेणुकम् |  ४   ख
पार्थिवं रथमास्थाय़ शोभमानो धनञ्जय़ः ||  ४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति