menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्तः श्वसन्क्रोधान्महेष्वासतमो नृप |  १३   क
पार्थेन परुषं वाक्यं सर्वमर्मघ्नय़ा गिरा |  १३   ख
द्रौणिश्चुकोप पार्थाय़ कृष्णाय़ च विशेषतः ||  १३   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति