menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्रुमाणां शिखराणीव दावदग्धानि मारिष |  २६   क
अश्ववृन्दान्यदृश्यन्त रथवृन्दानि चाभिभो |  २६   ख
अपतन्त रथौघाश्च तत्र तत्र सहस्रशः ||  २६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति