menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
दुर्वारणं दुर्दृशं तिग्ममन्युं; महात्मानं सर्वहरं प्रचेतसम् |  ५८   क
दिव्यं चापमिषुधी चाददानं; हिरण्यवर्माणमनन्तवीर्यम् ||  ५८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति