menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १७३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
दिष्ट्या त्वं न सृगालो वै न कृमिर्न च मूषकः |  १७   क
न सर्पो न च मण्डूको न चान्यः पापय़ोनिजः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति