menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
द्रोणकर्णकृपैर्गुप्तां महेष्वासैः प्रहारिभिः |  १५   क
कस्तां सेनां तदा पार्थ मनसापि प्रधर्षय़ेत् |  १५   ख
ऋते देवान्महेष्वासाद्वहुरूपान्महेश्वरात् ||  १५   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति