आदि पर्व  अध्याय १७५

व्राह्मणा ऊचुः

यज्ञसेनस्य दुहिता द्रुपदस्य महात्मनः |  ७   क
वेदीमध्यात्समुत्पन्ना पद्मपत्रनिभेक्षणा ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति