menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ३१
chevron_left
chevron_right
राजो उवाच
ततस्तेनाभ्यनुज्ञातो यय़ौ राजा प्रतर्दनः |  ५३   क
यथागतं महाराज मुक्त्वा विषमिवोरगः ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति