menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
प्रविष्टः स स्वमात्मानं भ्राता ते वुद्धिसत्तमः |  २२   क
दिष्ट्या महात्मा कौन्तेय़ं महाय़ोगवलान्वितः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति