आदि पर्व  अध्याय ३७

सूत उवाच

तेनेह क्षुधितेनाद्य श्रान्तेन च तपस्विना |  २६   क
अजानता व्रतमिदं कृतमेतदसंशय़म् ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति