menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ७६
chevron_left
chevron_right
युधिष्ठिर उवाच
इत्युक्तो धर्मराजेन तदा शान्तनवो नृप |  ३   क
सम्यगाह गुणांस्तस्मै गोप्रदानस्य केवलान् ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति