उद्योग पर्व  अध्याय १७७

राम उवाच

कार्यमेतन्महद्व्रह्मन्काशिकन्यामनोगतम् |  १८   क
गमिष्यामि स्वय़ं तत्र कन्यामादाय़ यत्र सः ||  १८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति