menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १७८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततस्तु ते राजगणाः क्रमेण; कृष्णानिमित्तं नृप विक्रमन्तः |  १५   क
तत्कार्मुकं संहननोपपन्नं; सज्यं न शेकुस्तरसापि कर्तुम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति