menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३७
chevron_left
chevron_right
ऋषिरु उवाच
नान्यं देवादहं मन्ये रुद्रात्परतरं महत् |  ४३   क
सुरासुरस्य जगतो गतिस्त्वमसि शूलधृक् ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति