menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
पश्यन्तः शान्तरजसः क्षपा जलदशीतलाः |  १२   क
ग्रहनक्षत्रसङ्घैश्च सोमेन च विराजिताः ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति