menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
ततो वागमरैरुक्ता ज्यां तस्य धनुषोऽच्छिनत् |  १९   क
अथ तत्सहसा राजंश्छिन्नज्यं विस्फुरद्धनुः ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति