menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अङ्गं वृहद्रथं चैव मृतं शुश्रुम सृञ्जय़ |  २८   क
यः सहस्रं सहस्राणां श्वेतानश्वानवासृजत् ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति