menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
खादन्ति हस्तिनं न्यासे क्रव्यादा वहवोऽप्युत |  १८   क
वहवः कृमय़श्चैव किं पुनस्त्वामनर्थकम् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति