आदि पर्व  अध्याय ९३

वैशम्पाय़न उवाच

एवङ्गुणसमाय़ुक्तां वसवे वसुनन्दिनी |  १६   क
दर्शय़ामास राजेन्द्र पुरा पौरवनन्दन ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति