शान्ति पर्व  अध्याय २८१

पराशर उवाच

तैरेव फलपत्रैश्च स माठरमतोषय़त् |  ८   क
तस्माल्लेभे परं स्थानं शैव्योऽपि पृथिवीपतिः ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति