menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १९४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्वाभ्यामेव तु मासाभ्यां कृपः शारद्वतोऽव्रवीत् |  १९   क
द्रौणिस्तु दशरात्रेण प्रतिजज्ञे वलक्षय़म् |  १९   ख
कर्णस्तु पञ्चरात्रेण प्रतिजज्ञे महास्त्रवित् ||  १९   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति