menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
ततस्तत्क्षीय़ते चैव पुनश्चान्यत्प्रचीय़ते |  १२   क
यावत्तन्मोक्षय़ोगस्थं धर्मं नैवाववुध्यते ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति