वन पर्व  अध्याय ९४

लोमश उवाच

समाह्वय़ति यं वाचा गतं वैवस्वतक्षय़म् |  ७   क
स पुनर्देहमास्थाय़ जीवन्स्म प्रतिदृश्यते ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति