menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो नैवार्जुनस्तत्र न रथो न च केशवः |  १८   क
प्रत्यदृश्यत घोरेण शरवर्षेण संवृतः ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति