menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तद्वभौ रौद्रवीभत्सं वीभत्सोर्यानमाहवे |  ३५   क
आक्रीड इव रुद्रस्य घ्नतः कालात्यये पशून् ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति