menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततोऽस्य नवतिं वाणान्रुक्मपुङ्खान्सुतेजनान् |  ६५   क
प्रेषय़ामास राजेन्द्र तेऽस्याभ्रश्यन्त वर्मणः ||  ६५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति