menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स्वान्यनीकानि वीभत्सुः शनकैरवहारय़त् |  ५०   क
ततोऽभितुष्टुवुः पार्थं प्रहृष्टाः पाण्डुसृञ्जय़ाः |  ५०   ख
पाञ्चालाश्च मनोज्ञाभिर्वाग्भिः सूर्यमिवर्षय़ः ||  ५०   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति