menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कोऽन्यः शक्तो रणे जेतुमृते पार्थं युधिष्ठिरम् |  २७   क
यस्य नाथो हृषीकेशः सदा धर्मय़शोनिधिः ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति