menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८०
chevron_left
chevron_right
भृगुरु उवाच
मानसोऽग्निः शरीरेषु जीव इत्यभिधीय़ते |  ३०   क
सृष्टिः प्रजापतेरेषा भूताध्यात्मविनिश्चय़े ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति