menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १८१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
वृत्तो व्रह्मोत्तरो रङ्गः पाञ्चाली व्राह्मणैर्वृता |  ३४   क
इति व्रुवन्तः प्रय़युर्ये तत्रासन्समागताः ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति