वन पर्व  अध्याय ९८

लोमश उवाच

सिंहव्याघ्रैर्महानादान्नदद्भिरनुनादितम् |  १६   क
अपरैश्चापि संलीनैर्गुहाकन्दरवासिभिः ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति