menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८३
chevron_left
chevron_right
भृगुरु उवाच
पृथिवी सर्वभूतानां जनित्री तद्विधाः स्त्रिय़ः |  १५   क
पुमान्प्रजापतिस्तत्र शुक्रं तेजोमय़ं विदुः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति